भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जारी की चेतावनी , 5 राज्यों में तेज बारिश की संभावना –
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लोगो को जारी की चेतावनी , 5 राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना बताई जा रही हैं , बारिश के बाद तेज ठंड और कोहरे में और दिक्कत बढ़ेगी | बारिश होने के बाद मौसम में बदलाव आना निश्चित हैं |
इस मौसम में कौन से क्षेत्र प्रभावित होंगे –
बंगाल की खाड़ी के अंडमान निकोबार सागर के पास एक निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिसके कारण दक्षिण भारत के पाँच राज्यों में भारी बारिश के आसार बनते नज़र आ रहे हैं। मौसम के तापमान में गिरावट की उम्मीद नहीं दिख रही है, इसलिए ठंड बढ़ने की संभावना भी अभी दूर नज़र आ रही है।

इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अंडमान-निकोबार के पास बने अधिक पेड़ पौधों वाले क्षेत्रो के कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक के कुछ समुद्र तटीय इलाकों और ओडिशा में बहुत तेज बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तर भारत के क्षेत्रो में कम होगा इसका असर –
इस बारिश का असर उत्तर भारत के क्षेत्रो में कम होगा | इस लिए उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने की संभावना फिलहाल कम है जताई जा रही हैं ।
येलो अलर्ट क्या होता हैं –
येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति खराब हो सकती है और लोगों को सतर्क रहना चाहिये। इसका मतलब तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन बारिश के बीच चलने वाली तेज हवा या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों की संभावना है जो सामान्य गतिविधियों में बाधा डाल सकती हैं।
इस अलर्ट का उद्देश्य लोगों को सचेत करना है ताकि वे बदलते मौसम के लिए तैयार रहें और मौसम की जानकारी मौसम विभाग से समय से लेते रहें।
मौसम की गतिविधियो को देख कर मौसम विभाग का कहना हैं की –
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम की इस प्रणाली को आगे बढ़ते हुए देख इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि को और बढ़ा सकती है। इसलिए प्रभावित राज्यों में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अगले सप्ताह की शुरुआत में चक्रवात का रूप ले सकता है –
मौसम विभाग का कहना है की अगले सप्ताह की शुरुआत में यह बदलाव एक चक्रवात का रूप भी ले सकता है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह चक्रवात 26 नवंबर या 27 नवंबर के आसपास पूर्वी तटीय इलाकों से टकरा सकता है।
यदि इसका रुख तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तटीय भागों की ओर रहता है, तो फिर दक्षिण भारत में अधिक बारिश होने की संभावना है।