Tere Ishq Mein की धमाकेदार शुरुआत: बॉक्स ऑफिस पर छाया जादू, धनुष–कृति की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल

Tere Ishq Mein की धमाकेदार शुरुआत: बॉक्स ऑफिस पर छाया जादू, धनुष–कृति की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल –

Tere Ishq Mein फिल्म ने रिलीज़ के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन शुरुआत दर्ज की है। धनुष और एक्ट्रेस कृति की जोड़ी ने उनके फैंस का दिल जीत लिया | दर्शको का कहना है फिल्म में दोनों की जोड़ी बहुत ही अच्छी लग रही हैं | लोगों का रुझान पहले ही दिन से फिल्म Tere Ishq Mein की ओर साफ नज़र आ रहा है।

थ्रेटर में फिल्म Tere Ishq Mein में धनुष और कृति की नई जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा लिया था |

 

 

दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री social media पर भी तेजी के साथ वायरल होती दिखाई दे रही है, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर भी फिल्म की चर्चा जोरों पर है।

सैयारा की सफलता के बाद दर्शकों में बढ़ा रोमांटिक फिल्मो का क्रेज –

बॉलीवुड में इन दिनों रोमांटिक फिल्मों की भरमार देखने को मिल रही है। एक के बाद एक रोमांटिक फिल्मे दर्शको के मन को लुभा रही है | फिल्म सैयारा की शानदार सफलता के बाद दर्शकों में रोमांटिक फ़िल्मी कहानियों का क्रेज और बढ़ तेजी से बढ़ गया है।

 

 

इसी रफ्तार में धड़क 2, सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी और एक दीवाने की दीवानियत जैसी कई लव स्टोरीज़ रोमांटिक फिल्मो की लाइन में खड़ी नज़र आई हैं।

सिनेमाघरों में दो नई रोमांटिक फिल्में रिलीज़ –

इसी बीच में इस हफ़्ते सिनेमाघरों में दो नई रोमांटिक फिल्में रिलीज़ होने जा रही हैं— गुस्ताख़ इश्क और आनंद एल राय की तेरे इश्क में । यह फिल्म जुनूनी मोहब्बत, सच्चे प्यार और कुर्बान होने वाली आशिक़ी की मिशाल पेश करती है। खास बात यह है कि निर्देशक आनंद एल राय और अभिनेता धनुष की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने वाली है।

 

 

क्या है फिल्म तेरे इश्क में की स्टोरी –

फिल्म Tere Ishq Mein की कहानी बहुत ही अच्छी और दर्शको को अपनी ओर खींचने वाली है | यह फिल्म दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) का अध्यक्ष शंकर, जिसकी पहचान उसके झगड़ालू स्वभाव, दबंग अंदाज़ और लगातार होने वाले कॉलेज झगड़ों से जुड़ी है। उसी कॉलेज में पढ़ने वाली मुक्ति बेनी वाली एक समझदार और शांत स्वभाव की रिसर्च स्कॉलर से होती है।

 

 

अपनी रिसर्च के लिये वह यह दिखाना चाहती है कि हिंसक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है उसके मन को भी बदला जा सकता है। इसी उद्देश्य से वह शंकर के करीब जाती है और उसे अपनी दोस्ती के लिए चुनती है। ताकि वह लोगो को दिखा सके की हर इंसान नम्र भी होता हैं |

 

 

धीरे-धीरे दोनों की मुलाक़ातें बढ़ती हैं, दोनों एक दूसरे से जुड़ने लगते हैं और जहां मुक्ति इसे अपनी रिसर्च का एक हिस्सा मानती है, वहीं दूसरी ओर शंकर दिल से उससे प्यार करने लगता है। मुक्ति की वजह से वह खुद को बदलने की कोशिश करता है और अपनी इस नेचर और छवि को पीछे छोड़ने लगता है।

 

 

लेकिन जब शंकर को यह मालूम चलता है कि मुक्ति उससे प्यार नहीं करती है और उसके प्यार को स्वीकार नहीं करेगी वाह केवल उसे अपना दोस्त मानती है, तो उसका जुनून खतरनाक मोड़ ले लेता है।

फिल्म की कहानी में तब बदलाव आता जब दोनों को सात साल बाद किस्मत फिर आमने-सामने लाती है, और इस बार सिर्फ शंकर ही नहीं, बल्कि मुक्ति भी उससे दिल से प्यार करने लगती है।

फिल्म में लोगों को एआर रहमान के संगीत से उम्मीदें ज्यादा थीं –

फिल्म का दोनों की लव स्टोरी ने दर्शको से खूब वाहवाही बटोरी है। हालांकि फिल्म में ए.आर. रहमान के संगीत से दर्शकों को थोड़ी ज्यादा उम्मीदें थीं, उनके संगीत लोगो के दिल पर रोमांस का कुछ असर छोड़ते देते हैं।

 

 

सिनेमैटोग्राफी कई दृश्यों को और भी जीवंत बना देती है, वहीं बैकग्राउंड स्कोर कहानी के हर मोड़ को गहराई देता है। खासकर “तेरे इश्क में” और “जिगर ठंडा” जैसे गीत ही लंबे समय तक याद रह जाते हैं।

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