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फरान अख्तर की 120 बहादुर : भारत के 800 डिफेंस थियेटर्स में रिलीज होने वाली पहली फिल्म –

फरान अख्तर की 120 बहादुर: भारत के 800 डिफेंस थियेटर्स में रिलीज होने वाली पहली फिल्म –

फरान अख्तर की नई फिल्म 120 बहादुर भारतीय सिनेमा घरों में बहुत जल्द रिलीज़ होने वाली है | यह फिल्म एक्टर और प्रोडूसर फरान अख्तर के निर्देशन में बनी हैं | 21 नवम्बर को इस फिल्म को भारतीय सिनेमाघरों में उतारा जायेगा | फिल्म 120 बहादुर देश के बहादुर सैनिको पे बनी हैं | यह फिल्म भारतीय सिनेमा की उन अच्छी फिल्मों में शामिल हो गई है जिसने रिलीज के साथ ही एक नया इतिहास रचने जा रही हैं।

इस फिल्म को देश के 800 डिफेंस थियेटर्स में रिलीज किया जायेगा, इसलिये यह फिल्म 800 डिफेंस थियेटर्स में रिलीज होने वाली पहली फिल्म बन गई है। डिफेंस थियेटर्स में फिल्म को उतारने का मतलब स्पेशल स्क्रीनिंग हैं इसका उद्देश्य सैनिकों को सम्मान देना होगा और उनके संघर्ष को सीधे तौर पर सम्मान प्रदान करना होगा। यह कदम रक्षा समुदाय में भी खूब सराहा जा रहा है।

 

 

फरहान अख्तर की वॉर फिल्म “120 बहादुर” एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। 21 नवंबर को रिलीज के साथ ही यह फिल्म सैन्य सिनेमाघरों तक पहुंचेगी, जहाँ इसे खास तौर पर फौजी समुदाय और उनके परिवार के लोग देख सकेंगे |

फिल्म की कहानी रिजांग ला की लड़ाई पर आधारित –

फिल्म 120 बहादुर की कहानी रिजांग ला की लड़ाई पर आधारित है। यह 1962 का वह ऐतिहासिक युद्ध था, जहाँ 13 कुमाऊँ रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 भारतीय जवानों ने लद्दाख की 16,000 फीट से अधिक ऊँचाई पर चीन की सेना का सामना किया था। देश के इस भीषण संघर्ष में 114 जवान शहीद हो गए थे, लेकिन उनकी बहादुरी ने भारतीय सैन्य इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया था |

अत्याधिक कठिन हालात और जमा देने वाली ठंड के बावजूद इन वीर जवानों ने आख़िरी सांस तक लड़ाई लड़ी थीं। फरान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर इसी साहस, कर्तव्य और बलिदान की कहानी को भावनात्मक अंदाज़ में दर्शाती है |

 

 

फिल्म रिलीज़ –

फिल्म को 21 नवंबर को रिलीज़ किया जायेगा, और यह फिल्म पहले 800 भारतीय डिफेन्स मूवी थ्रेटरे में दिखाई जायेगी | क्योकि यह फिल्म देश में अपनी कुर्बानी और शहीद हुए वीर जवानों पे बनी हैं |

 

 

रिलीज़ से पहले हाई कोर्ट में फिल्म 120 बहादुर” के नाम को लेकर जनहित याचिका दायर –

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में फिल्म 120 बहादुर के नाम को लेकर लोगों ने एक जनहित याचिका दायर की है क्योंकि कुछ लोग फिल्म के इस नाम से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि फिल्म का यह नाम उन 1962 की रेजांग ला लड़ाई में शहीद हुये अहीर सैनिकों की पहचान और उनकी असली बहादुरी को छिपाता है।

अहीर समाज का कहना है कि फिल्म का नाम बदलकर 120 वीर अहीर होना चाहिए था क्योकि यह फिल्म उनके सम्मान को देखते हुए बनाई गई हैं |

लोगों का कहना है की इस फिल्म में मेजर शैतान सिंह की भूमिका का रोल फरहान अख्तर निभा रहे हैं और उस भूमिका को सबसे ज्यादा अच्छे से दर्शाया गया है, जबकि 113 अहीर सैनिकों की सामूहिक वीरता को कम करके दिखाया गया है।

 

 

यह मामला हाई कोर्ट तक पहुँच गया है, जिससे यह साफ हो जाता है कि सिर्फ फिल्म का कंटेंट नहीं, बल्कि उसका शीर्षक भी बहुत संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

सुनवाई के दौरान याचिका कर्ताओं की संवेदनशीलता पर उठा सवाल –

मुख्य न्यायाधीश नागू ने कहा, याचिकाकर्ताओं से पूछा की –

“आप इस नाम को लेकर इतने संवेदनशील क्यों हो रहे हैं? फिल्म का नाम क्या होना चाहिए या नहीं होना चाहिए—यह इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया? सैनिकों की बहादुरी तो उसी ढाई–तीन घंटे की फिल्म में दिखाई दे जाएगी।”

कोर्ट का आदेश –

अंत में, कोर्ट ने मामले की गहराई में जाने से इनकार कर दिया और इस फिल्म को लेकर एक संक्षिप्त आदेश जारी किया हैं। कोर्ट ने सरल शब्दों में कहा हैं कि वह इस विवाद के असली मुद्दों पर फैसला नहीं करेगी और बिना किसी विस्तृत सुनवाई के अपना आदेश सुना दिया।

कोर्ट ने कहा हैं की इस याचिका को फिल्म के नाम 120 बहादुर से बदल कर 120 वीर अहीर रखने की लोगों ने माँग की थी याचिकाकर्ता ने 10 नवंबर को सिनेमा अधिनियम, 1952 की धारा 6 के तहत नाम बदलने की समीक्षा याचिका भी दायर की थी, जिसे केंद्र सरकार ने 13 नवंबर को प्राप्त किया था और वह अभी विचाराधीन है।

 

 

केंद्र सरकार की ओर से वकील ने लोगों को आश्वासन दिया कि इस समीक्षा पर दो दिनों के भीतर कोई न कोई निर्णय जरूर लिया जायेगा | इस आश्वासन को देखते हुए, हाई कोर्ट ने मौजूदा याचिका निपटा दी |

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