2026 में मेट्रो को बहुत जल्द हरी झंडी, सबसे पहले IIT कानपुर से नौबस्ता तक मेट्रो चलाने की तैयारी –
कानपुर शहर में बहुत जल्द योगी सरकार की तरफ से मेट्रो को चलने की बात चल रही है | कानपुर में मैट्रो का काम काफी समय से चल रहा हैं | कानपुर में मेट्रो परियोजना का पहला कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मेट्रो प्रशासन के अनुसार दिसंबर के अंत तक या जनवरी के पहले हफ्ते में सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक मेट्रो का ट्रायल रन शुरू कर दिया जायेगा।

यह शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ट्रायल रन के सफल होने के बाद मार्च महीने में आईआईटी कानपुर से नौबस्ता के बीच यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू करने की उम्मीद जताई गई है।
ट्रैफिक से जल्द मिलेगी राहत –
इससे शहरवासियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। सीएसए से बर्रा-8 तक मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस रूट पर काम लगभग तय समय सीमा के अनुसार किया जा रहा है। मेट्रो परियोजना के विस्तार के तहत अब बर्रा-8 से नौबस्ता मेट्रो स्टेशन तक एक नया रूट विकसित करने की तैयारी भी की जा रही है।

इस नए मार्ग के लिए पूरी परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही तैयार कर ली गई है। मेट्रो प्रशासन जल्द ही इस डीपीआर को राज्य सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करेगे। मंजूरी मिलते ही इस नए रूट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर बहुत तेजी से कार्य हो रहा –
शहर में मेट्रो परियोजना के तहत इस समय दो प्रमुख कॉरिडोर पर कार्य किया जा रहा है। पहला कॉरिडोर आईआईटी कानपुर से शुरू होकर नौबस्ता तक जाता है, जबकि दूसरा कॉरिडोर सीएसए से बर्रा-आठ तक विकसित किया जा रहा है। इन दोनों कॉरिडोर का अंतिम छोर शहर के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है।

इसी कारण लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि इन दोनों सिरों को आपस में जोड़ा जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर और सीधी कनेक्टिविटी मिल सके।

इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी कई स्तरों पर विचार किया गया है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने भी बर्रा-आठ और नौबस्ता मेट्रो स्टेशन के बीच एलिवेटेड ट्रैक के माध्यम से मेट्रो संचालन का सुझाव तैयार किया था। इस संबंध में केडीए की ओर से प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा गया, ताकि दोनों कॉरिडोर को जोड़कर मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत बनाया जा सके। इससे शहर के साउथ हिस्से के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

मेट्रो प्रशासन ने तैयार किया 1,900 करोड़ रुपये की लागत का डीपीआर –
अब मेट्रो प्रशासन ने लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत वाली इस विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित कर अंतिम रूप दे दिया है। इस संशोधित डीपीआर को चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है, ताकि आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सके। यदि समय पर स्वीकृति मिल जाती है, तो इस नए मेट्रो रूट के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
बर्रा-8 मेट्रो स्टेशन से नौबस्ता स्टेशन के बीच की दूरी –
बर्रा-8 मेट्रो स्टेशन से नौबस्ता स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है। इस नए सेक्शन के लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर मेट्रो प्रशासन काफी समय से कार्य कर रहा था।

योजना के तहत चुन्नीगंज से सेंट्रल स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद ही इस डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाना था। अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और डीपीआर को फाइनल कर दिया गया है।

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव को मार्च 2026 तक राज्य सरकार के सामने मंजूरी के लिए प्रस्तुत कर दिया जाएगा, जिससे आगे के कार्य को मंजूरी मिले।