VB-G RAM G लागू : 12642 करोड़ की योजना 1 जुलाई से तमिलनाडु में

भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया नया ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका कानून VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025) 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गया है। इस कानून के तहत तमिलनाडु राज्य में ₹12,642 करोड़ के बड़े बजट के साथ योजना का औपचारिक कार्यान्वयन आरंभ किया गया है। यह पहल ग्रामीण भारत के लिए एक दूरगामी और संरचनात्मक बदलाव मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य केवल अस्थायी रोजगार नहीं बल्कि टिकाऊ आजीविका और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

यह कानून इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह पिछले 21 वर्षों से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), 2005 का स्थान ले रहा है। MGNREGA ने ग्रामीण रोजगार को कानूनी अधिकार दिया था, लेकिन समय के साथ इसकी सीमाएँ भी सामने आईं। VB-G RAM G अधिनियम को इन्हीं अनुभवों के आधार पर अधिक व्यापक, परिणामोन्मुख और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें रोजगार के साथ-साथ आजीविका, कौशल विकास, ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

केंद्र सरकार ने इस कानून को श्रम और रोजगार की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया है। इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना, पलायन को कम करना और ग्रामीण परिवारों को स्थिर आय का भरोसा देना है। योजना के अंतर्गत कार्यों की योजना स्थानीय स्तर पर बनाई जाएगी, जिससे गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार विकास संभव हो सके।

तमिलनाडु जैसे राज्यों में, जहाँ बड़ी आबादी आज भी कृषि और ग्रामीण आजीविका पर निर्भर है, VB-G RAM G एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है। यह न केवल आर्थिक समानता को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता की मजबूत नींव भी तैयार करेगा।

VB-G RAM G क्या है और क्यों लिया गया यह बड़ा निर्णय?

VB-G RAM G का पूरा नाम Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025 है। यह एक नया और व्यापक ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका कानून है, जिसे संसद ने दिसंबर 2025 में विधिवत पारित किया था और 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण भारत में रोजगार की परिभाषा को केवल अस्थायी मजदूरी तक सीमित न रखते हुए, आजीविका, कौशल विकास और स्थायी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है।

यह बड़ा निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि वर्ष 2005 से लागू MGNREGA ने ग्रामीण रोजगार को कानूनी अधिकार तो दिया, लेकिन बदलते समय के साथ इसकी कुछ सीमाएँ भी सामने आईं। तकनीकी प्रगति, बढ़ती आबादी, ग्रामीण पलायन और कौशल-आधारित रोजगार की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने महसूस किया कि एक अधिक व्यापक और भविष्य-उन्मुख कानून की जरूरत है। VB-G RAM G इसी सोच का परिणाम है।

इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। जहाँ MGNREGA के अंतर्गत 100 कार्यदिवसों की गारंटी थी, वहीं VB-G RAM G के अंतर्गत इसे बढ़ाकर 120 से 150 कार्यदिवसों तक किए जाने का प्रावधान रखा गया है (राज्य और क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार)। इसके साथ ही काम के प्रकारों में भी विविधता लाई गई है, ताकि श्रमिकों को उनकी क्षमता, रुचि और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य मिल सके।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, VB-G RAM G का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में स्थिर आर्थिक गतिविधियाँ, जैसे ग्रामीण अवसंरचना, जल संरक्षण, कृषि-सहायक कार्य, कुटीर उद्योग और कौशल आधारित सेवाओं को बढ़ावा देती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्थायी स्रोत विकसित होंगे और शहरों की ओर पलायन में कमी आएगी।

यह अधिनियम प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) विज़न का अहम हिस्सा है। इसके तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ सामुदायिक मूलभूत ढांचे का विकास, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार को प्राथमिकता दी गई है। इसी कारण VB-G RAM G को ग्रामीण भारत के लिए एक निर्णायक और दूरगामी सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

योजना का वित्तीय ढांचा और तमिलनाडु का बजट

VB-G RAM G एक केंद्र-राज्य भागीदारी आधारित कार्यक्रम है। इसमें वित्तीय योगदान के लिए एक साझा मॉडल ें अधिकांश राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 60:40 निर्धारित है। उत्तर-पूर्व और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 और संघ-शासित क्षेत्रों (बिना विधानसभा वाकेंद्रीय धन की व्यवस्था है।

तमिलनाडु के लिए कुल ₹12,642 करोड़ के प्रावधान में यह वित्तीय विभाजन शामिल है:

  • केंद्र सरकार का योगदान: लगभग ₹7,585 करोड़
  • राज्य सरकार का योगदान: लगभग ₹5,057 करोड़

यह बजट ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम के संचालन, मजदूरमें वृद्धि के कारण आय समर्थन और अतिरिक्त प्रशासनिक खर्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कुशल यातायात केंद्रों का विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचा और स्थानीय संसाधनों की क्षमता निर्माण इसी आर्थिक ढांचे के अंतर्गत शामिल हैं।

VB-G RAM G का के क्या अलग मिलेगा?

VB-G RAM G योजना MGNREGA से अलग तरीक़े से काम करेगी। हाल तक, MGNREGA में मजदूर आवश्यकता के अनुसार रोज़गार मांगते थे, लेकिन VB-G RAM G में यह ढांचा एक आपूर्ति-आधारित, डेटा-ड्रिवन तथा योजना-आधारित मॉडल में बदला जा रहा है।

मुख्य अंतर

🔹 काम की गारंटी: 100 से बढ़कर 125 कार्य दिवस
🔹 नए कार्य ढांचे: ग्राम पंचायडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन करेंगी।
🔹 स्थानीय तकनीकी योजना: स्थानीय संसाधनों का विश्लेषण-आधारित उपयोग
🔹 महत्वपूर्ण क्षेत्र: जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका, आपदा प्रणोयन और जलवायु स्थिरता पर केंद्रित योजनाएँ VB-G RAM G एक व्यापक तथा तकनीक-समर्थ ग्रामीण विकास मॉडल बनाकर अधिक परिणाम-उन्मुख सेवा प्रदान करना चाहते हैं — खासतौर पर उन इलाकों में जहाँ कृषि और आजीविका संबंधी चुनौतियाँ गंभीर हैं। योजनाओं का विस्तार और स्थानीय कार्यान्वयन

VB-G RAM G योजना का लक्षित वर्ग मुख्य रूप से ग्रामीण अबला परिवारों, कृषि-अनुयायी मजदूर, शहरी पलायन से प्रभाविों को रखा गया है जिनके पास कम से कम आजीविका संसाधन हैं। इसके कार्यान्वयन में बहुत बड़ा रोल **ग्राम पंचायतों और सहोगा।

स्थानीय स्तर पर इस योजना के तहत:

  • बुनियादी ढांचे का निर्माण: जल संरक्षण, सड़क, कुशल इमारत
  • जमीनी संसाधनों का विश्लेषण: भू-स्थानिक (GIS) डेटा आधारित कार्य योजना
  • तकनीकी रूपांतरण: डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से योजनाओं की योजना और निगरानी
  • स्थिर रोजगार अवसर: किसानों, श्रमिकों तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर का विस्तार

VB-G RAM G के लागू होने से दूरदराज के गाँवों में भी योजनाएँ समान रूप से पहुँचती हैं। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि पंचायत स्तर पर कामों के चयन, निगरानी और फीडबैक के लिए नये डिजिटल टूल्स का इसजिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

आलोचनाएँ, चुनौतियाँ और सरकार की प्रतिक्रिया

VB-G RAM G (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक प्रगतिशील और दीर्घकालिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसके साथ कुछ आलोचनाएँ और व्यावहारिक चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों ने इस नए कानून के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए हैं, जिन पर सरकार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सबसे बड़ी चिंता राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को लेकर जताई जा रही है। VB-G RAM G के अंतर्गत लगभग 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकारों को वहन करना होगा। आर्थिक रूप से कमजोर या सीमित संसाधनों वाले राज्यों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

दूसरा प्रमुख मुद्दा रोजगार मॉडल को लेकर है। MGNREGA एक मांग-आधारित योजना थी, जिसमें काम मांगने पर रोजगार देना कानूनी बाध्यता थी। इसके विपरीत VB-G RAM G को कुछ हद तक आपूर्ति-आधारित मॉडल माना जा रहा है, जहाँ परियोजनाओं और योजनाओं के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वास्तविक मांग के अनुरूप रोजगार न मिल पाए।

इसके अलावा, ग्राम-स्तरीय संस्थाओं की तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता पर भी सवाल उठाए गए हैं। सभी पंचायतों और स्थानीय निकायों के पास अभी समान स्तर की योजना-निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी क्षमता नहीं है, जिससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा आ सकती है।

सरकार ने इन आलोचनाओं पर स्पष्ट रुख अपनाया है। केंद्र सरकार का कहना है कि VB-G RAM G को अधिक पारदर्शी, दक्षता-आधारित और टिकाऊ आजीविका मॉडल के रूप में डिजाइन किया गया है। राज्यों को तकनीकी सहायता, डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्षमता निर्माण के लिए अतिरिक्त सहयोग दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक 29 राज्यों ने VB-G RAM G के प्रावधानों को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार का मानना है कि शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, यह कानून ग्रामीण भारत को स्थायी रोजगार, बेहतर जीवन स्तर और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने में निर्णायक साबित होगा।

FAQs

1. VB-G RAM G क्या है?
उत्तर – यह नया ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने वाला कानून है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है।

2. रोजगार की गारंटी कितने दिनों की है?
उत्तर – 125 कार् परिवार।

3. कितने राज्यों ने बजट व्यवस्था की है?
उत्तर – अब तक 29 राज्यों और संघ-शासित क्षवधान किए हैं।

4. ग्राम पंचायतों की भूमिका क्या होगी?
उत्तर – स्थानिक योजना, रोजगार पहचान और

5. वित्तीय भागीदारी कैसे होगी?
उत्तर – अधिकांश राज्यों में केंद्र-राज्य 60:40 का अनुपात।

6. क्या इसमें कोई संसोधन हुआ है ?
उत्तर – जब तक सरकार द्वारा कोई नया संशोधन न आये।

7. क्या मजदूरी दरें बढ़ी हैं?
उत्तर – सरकार नं सुधारने के उपाय किये हुए हैं।

8. क्या MGNREGA बिलकुल खत्म हो गया?
उत्तर – हाँ, 1 जुलाई के साथ MGNREGA स्वतः लागू नई योजना से बदल गया है।

9. क्या सभी ग्रामीण कार्य शामिल होंगे?
उत्तर – हाँ, योजना में सार्वजनिक ढांचे के निर्माण कार्य शामिल हैं।

10. क्या राज्य योजनाएँ अलग होंगी?
उत्तर – हाँ, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ को लागू किया जा सकता है।

11. क्या योजनाओं पर निगरानी रहेगी?
उत्तर – हां, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ग्राम स्तर निगरानी होगी।

12. क्या बेरोजगारों के लिए सहायता मिलेगी?
उत्तर – यदि रोजगार नहीं मिला, तो बेरोज़गारी भत्ता जैसे प्रावधान पर चर्चा जारी है।

13. क्या रोजगार की मांग आधारित रहेगा?
उत्तर – नए मॉडल में तकनीक-आधारित आपूर्ति-धारित योजना है।

14. क्या परियोजनाएँ स्थिर होंगी?
उत्तर – हाँ, अब योजनाएँ स्थानीय प्राथमिकता के हिसाब से स्थिर होंगी।

15. क्या महिलाओं को फायदे होंगे?
उत्तर – हाँ, महिला रोजगार और आजीविका कार्यक्रम पर जोर रहेगा।

16. क्या यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाएगी?
उत्तर – सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आएँगे।

17. योजना MGNREGA को बदलती क्यों है?
उत्तर – ताकि रोजगार और ग्रामीण विकास को एक व्यापक दृष्टिकोण से संभाला जा सके।

18. G RAM G कब लागू हुआ?
उत्तर – 1 जुलाई 2026 से लागू।

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